पंचांग · वाराणसी · Uttar Pradesh
पंचांग 9 अप्रैल 2027, वाराणसी
वाराणसी में 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को तृतीया तिथि और भरणी नक्षत्र 17:10 तक रहता है। सूर्योदय 05:42 और सूर्यास्त 18:17 पर, राहु काल 10:25–11:59। चंद्रमा 5% प्रकाशित।
इस पृष्ठ का हर मान इसी शहर और तिथि के लिए ephemeris से गणना किया गया है। कुछ भी किसी निश्चित तालिका से नहीं लिया गया।
राहु काल — वाराणसी
राहु काल दिन का अशुभ समय है, जिसमें नया कार्य आरंभ करना परंपरागत रूप से वर्जित है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग है, और क्रम में इसका स्थान वार पर निर्भर करता है।
10:25 – 11:59
चौघड़िया — वाराणसी
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है, हर भाग का एक स्वामी ग्रह होता है। दिखाया गया गुण उस ग्रह की शास्त्रीय प्रकृति के अनुसार है।
| काल | से – तक | स्वामी | गुण |
|---|---|---|---|
| Char | 05:42 – 07:16 | शुक्र | सम |
| Labh | 07:16 – 08:51 | बुध | शुभ |
| Amrit | 08:51 – 10:25 | चंद्र | शुभ |
| Kaal | 10:25 – 11:59 | शनि | अशुभ |
| Shubh | 11:59 – 13:34 | गुरु | शुभ |
| Rog | 13:34 – 15:08 | मंगल | अशुभ |
| Udveg | 15:08 – 16:43 | सूर्य | अशुभ |
| Char | 16:43 – 18:17 | शुक्र | सम |
होरा — वाराणसी
हर होरा का स्वामी कैल्डियन क्रम में एक ग्रह होता है। होरा असमान होते हैं — ग्रीष्म में दिन की होरा साठ मिनट से लंबी होती है, क्योंकि यह वास्तविक दिनमान का बारहवाँ भाग है।
| स्वामी ग्रह | से – तक |
|---|---|
| शुक्र | 05:42 – 06:45 |
| बुध | 06:45 – 07:48 |
| चंद्र | 07:48 – 08:51 |
| शनि | 08:51 – 09:54 |
| गुरु | 09:54 – 10:57 |
| मंगल | 10:57 – 11:59 |
| सूर्य | 11:59 – 13:02 |
| शुक्र | 13:02 – 14:05 |
| बुध | 14:05 – 15:08 |
| चंद्र | 15:08 – 16:11 |
| शनि | 16:11 – 17:14 |
| गुरु | 17:14 – 18:17 |
| मंगल | 18:17 – 19:14 |
| सूर्य | 19:14 – 20:11 |
| शुक्र | 20:11 – 21:08 |
| बुध | 21:08 – 22:05 |
| चंद्र | 22:05 – 23:02 |
| शनि | 23:02 – 23:59 |
| गुरु | 23:59 – 00:56 |
| मंगल | 00:56 – 01:53 |
| सूर्य | 01:53 – 02:50 |
| शुक्र | 02:50 – 03:47 |
| बुध | 03:47 – 04:44 |
| चंद्र | 04:44 – 05:41 |